जय राधे राधे कृष्ण कृष्ण
गोविन्द गोविन्द बोल रे।
राधे गोविन्द गोविन्द गोविन्द गोविन्द
गोविन्द बोले सदा डाको रे।
छाड़ो रे मन कपट चातुरी
बदने बोल हरी हरी।
हरी नाम परमब्रह्म जिवेर मुलधर्म
अधर्म कुकर्म छाड़ो रे।
छाड़ो रे मन भवेर आशा
अजपा नामे करो रे नेशा।
राधे गोविन्द नामटी बदने लइये
नयन निरे सदा भासो रे।
- श्री श्री ठाकुर अनुकुलचंद्र